लो आ गया फिर नारी दिवस !
लो एक बार फिर आ गया नारी दिवस आज हम एक बार फिर हम सुबह से रात तक नारी शक्ति के गीत गायेंगे , उनके कारनामों के किस्से सुनाएंगे । उन्हे फूल तोहफे देकर उन्हें प्यार जताएगे स्टेटस , डीपी लगाकर उनके तारीफ के पुल बनायेगे ! उन्हे दुर्गा , काली , सरस्वती जाने कितने अनेक नामों से उनकी बराबरी करवाएंगे ! बस क्या २४ घंटे बीत जाने दो फिर हम अपना असली रूप दिखायेंगे , हो गया महिला दिवस अब वापस उनका मजाक उड़ाएंगे , कभी उनके चरित्र को लेकर कभी कपड़ो को लेकर उन्हे ताना सुनाएंगे ! एक बार फिर उन्हे मर्द और औरत के बीच का अंतर बताएंगे ! बस ये किस्सा यू ही चलता रहेगा , ये दिखावा का सिलसिला यू ही बड़ता रहेगा ! आज नारी का सम्मान करेगे , कल उसी नारी को बात बात पर गाली देकर उसका अपमान करेगे ! कुछ नया तो है नही बस यही एक औरत की कहानी है ! सहते जाना बड़ते जाना निभाना अभी हमने हार कहा मानी है !